राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस का आयोजन : 12.08.2026

 12 अगस्त 2026 को पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय मलांजखंड के पुस्तकालय में भारत में पुस्तकालय विज्ञान के जनक डॉ. एस. आर. रंगनाथन की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को पुस्तकालयों के महत्व, पठन-पाठन की संस्कृति तथा पुस्तकालयाध्यक्ष के योगदान से अवगत कराना था।

इस अवसर पर विद्यालय में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों तथा शिक्षकों के लिए पृथक-पृथक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता (क्विज़ प्रतियोगिता) का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रश्नोत्तरी में सामान्य ज्ञान, साहित्य, पुस्तकालय संसाधनों तथा डॉ. एस. आर. रंगनाथन के जीवन एवं योगदान से संबंधित प्रश्न शामिल थे। प्रतिभागियों ने अपनी उत्कृष्ट जानकारी एवं उत्साह का परिचय दिया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष श्री सावन कुमार प्रसाद ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पुस्तकालय में उपलब्ध विभिन्न संसाधनों एवं सेवाओं का परिचय कराया तथा शिक्षा और व्यक्तित्व विकास में पुस्तकालयों की भूमिका पर प्रकाश डाला।

 

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में विद्यालय के प्राचार्य डॉ. संतोष कुमार प्रसाद का प्रेरणादायी व्याख्यान भी शामिल रहा। अपने संबोधन में उन्होंने पुस्तकालयाध्यक्षी (Librarianship) के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय केवल पुस्तकों का संग्रह नहीं है, बल्कि ज्ञान, अनुसंधान एवं बौद्धिक विकास का केंद्र है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से पुस्तकालय का उपयोग करने, अध्ययन की आदत विकसित करने तथा पुस्तकों को अपना सच्चा मित्र बनाने के लिए प्रेरित किया।

इस संवादात्मक सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों को पुस्तकालय प्रबंधन, सूचना संसाधनों तथा पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के क्षेत्र में उपलब्ध कैरियर संभावनाओं की जानकारी प्राप्त हुई।

 

कार्यक्रम ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों में पुस्तकालय के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उपलब्ध संसाधनों के अधिकतम उपयोग के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी प्रतिभागियों ने कार्यक्रम की सराहना की और इसे ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया।





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